दिलो की दास्तां ♥️
✨दिलो की दास्तां ✨
" दो पल की कहानी आज फिरसे,
दहलीज पर आई है,
दिलो की दास्तां के पन्ने खुले है!
बरसो की बैचेनीयां जो बंध थी किताबों में,
उनकी महक आज फिरसे आई है,
दिलो की दास्तां के पन्ने खुले है!
सदियों पुराने देखे हुए ख्वाब,
आज सुर्खियों में आए है,
दिलो की दास्तां के पन्ने खुले है!
पुराना कारवां कयामत लाया है,
स्याही में यादों का खयाल आया है,
दिलो की दास्तां के पन्ने खुले है! "
~प्रेरणा कानाणी ✍️✨~
Comments
Post a Comment