"दो दिन के दो पंछी"(उपन्यास) by prerna kanani
~ प्रस्तावना~ यह एक लघु उपन्यास है। जो मैंने अपने अवकाश के समय में लिखा था। हालांकि मैं इसे प्रकाशित करने के हेतु से नही लिखा था। पर फिर भी मैं इस लघु उपन्यास के एक-एक प्रकरण ब्लॉग के माध्यम से शेर करूंगी। 1985 में "राम तेरी गंगा मैली" फिल्म देखने के बाद अजित और अमिता का प्रेम प्रकरण शुरू होता है। अजित और अमिता गुजरात के सौराष्ट्र के एक गांव में रहने वाले है।दोनो पड़ोसी है।सालो से एक मोहल्ले में रहने के कारण दोनो के पारिवारिक संबंध है। अजित गांव के बड़े जमीदार का बेटा है।उसकी उम्र 24 साल है। पेशा से किसान है। उसका परिवार गांव में काफी प्रतिष्ठित है। इतनी सारी जमीन का वारिस होने के कारण उसके परिवार ने उसे सिर्फ मेट्रिक तक ही पढ़ाई करने दी।कुछ समय पहले अजित तो क्षय रोग हुआ था।पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद भी अभी वह घर पर ही आराम कर रहा है। अजित ने इसी समय में किताबे पढ़ने का शुरू किया।...