जश्न-ए -आजादी🇮🇳❤️
🇮🇳जश्न -ए -आजादी 🇮🇳
"ये भव्य भारत की क्या अनगिनत दास्तां है.!
यहा घायल शेर का भी जस्बा है..!
नए दौर के नए अफसाने है..!
क्योंकि उनके कफन का रंग तिरंगा है..!
वो मिट न पाए ऐसी मिसाल बने है..!
वतन के मतवालो को महोब्बत फंदे से होती है..!
वो वतन के लिए बेहद प्रीत दिल में दफनाए हुए है..!
वो इसके लिए बिना उफ्फ के भी जल उठते है..!
उसकी रूह सदा ही रहें वतन की खिदमत में..!
उसका जिस्म ही वतन के लिए ठहरा है..!
इस मिट्टी का कैसा ये नशा है..!
बस यहां वीरो की एक ही तमन्ना होती है..!
बार बार यहां जीना चाहे..!
बार बार यहां मरना चाहे..!"🇮🇳❤️
~प्रेरणा जे. कानाणी✨✍️
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